हॉकी खिलाड़ी ने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर से लिया संन्यास

0
54
Sunita Lakra Indian Hockey Leader

भारतीय महिला टीम की अनुभवी हॉकी की खिलाड़ी सुनीता लाकड़ा ने अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी से संन्यास की घोषणा कर दी है। 28 साल की भारतीय डिफेंडर ने गुरुवार को अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी से अपने संन्यास लेने की जानकारी दी। पिछले एक दशक से भी ज्यादा तक टीम का अहम हिस्सा रही सुनीता ने ओलंपिक में भी भारत की तरफ से खेल कर देश का नाम रोशन किया है।

घुटने की चोट बनी संन्यास का कारण

सुनीता की कामयाबी के भविष्य में उसकी घुटने की चोट रोड़ा बन गई। लाकड़ा को घुटने की चोट से उबरने के लिए सर्जरी की ज़रूरत है जिसके लिए वह लंदन जाकर अपना इलाज करवाएगी। डॉक्टरों ने भी उन्हें जल्दी से जल्दी सर्जरी करवाने का मशवरा दिया है। सर्जरी के बाद स्वास्थ्य की पूर्ति के लिए काफी समय लगेगा | उनके अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लेने का यही कारण रहा है ।

भावुक अंदाज़ में की सन्यास की घोषणा

सुनीता ने अपने कैरियर को विराम देते हुए एवं संन्यास की घोषणा करते हुए कहा, “वर्तमान दिन मेरे लिए बेहद ही भावुक है क्योंकि मैंने अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लेने का फैसला लिया है। वर्ष 2008 से अब तक भारतीय हॉकी टीम के साथ मेरा 11 वर्ष का सफर बेहद ही शानदार रहा। इस सफर में मैंने बहुत से उतार चढ़ाव देखे लेकिन इन सबके बाद भी हम सब एकजुट रहे। हम खिलाड़ियों ने एक दूसरे को टीम में ताकत दी और खुद को मजबूत करने के लिए प्रेरणा भी बने। हर एक बुरी चीजों के खिलाफ बेहतरीन स्तर तक लड़ाई की और आखिर में अपने भारत देश के लिए सम्मान हासिल किया।”
वार्ता में आगे उन्होंने कहा, “मैं खुद को बहुत ही भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे 2016 के रियो ओलंपिक में खेलने का मौका मिला।

3 दशक में भारतीय महिला टीम की पहली ओलंपिक भागेदारी

“भारत में कई लोगों ने मुझे ये कहा कि भारतीय महिला हॉकी के लिए वह ऐतिहासिक पल था जब आपने ओलंपिक में भाग लिया, लेकिन मैं हमेशा ही यह मानती हूं कि यह टीम इससे कहीं ज्यादा हासिल करने की क्षमता रखती है।”

Hockey Indian Team

एक नजर में सुनीता लाकड़ा का कैरियर

वर्ष 2008 से अपने कैरियर की शुरुआत करने वाली सुनीता लाकड़ा ने अपने देश भारत के लिए 139 मुकाबले खेले। सुनीता लाकड़ा को वर्ष 2014 में एशियाई खेलों में कांस्य विजेता टीम का हिस्सा बनने का गौरव भी प्राप्त है,जबकि वर्ष 2018 में वह एशियन चैम्पियन ट्रॉफी में भारतीय टीम की कप्तान रह चुकी है।

इस वर्ष टोक्यो ओलंपिक में महिला एवं पुरुष टीम का स्थान पक्का

भारतीय हॉकी टीम के लिए आने वाला यह ओलंपिक भी शानदार होने वाला है। भारत की महिला और पुरुष दोनो ही टीमों ने 2020 के टोक्यो ओलंपिक में जगह पक्की कर ली है। अगर सुनीता लाकड़ा भारत की तरफ से खेलते रहने का फैसला करती तो वो इस ओलंपिक में भी भारतीय डिफेंस टीम का हिस्सा होती और टीम का मनोबल उच्च होता।

Sunita Lakra

भविष्य में घरेलू हॉकी खेलने का दिया आश्वासन

सुनीता ने साथ में यह भी कहा कि वह चोट से उबर कर घरेलू हॉकी मैचों में खेलेगी और उन नाल्को के लिए खेलती रहेगी जिन्होंने उनके कैरियर और नौकरी में उनकी मदद की है। सुनीता ने माना कि भारतीय हॉकी टीम उनके परिवार की तरह है और टीम से उसको बेहद स्नेह प्राप्त हुआ।
लाकड़ा ने भारतीय हॉकी टीम और प्रशिक्षक शुअर्ड मरीने को खुद के प्रति समर्थन के लिए शुक्रिया अदा किया और कहा कि मेरे उपचार में सहायता करने वाले हर शख्स को तहे दिल से धन्यवाद।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here