Virender Sehwag

वीरेंद्र सहवाग की पत्नी आरती सहवाग के नाम शिकायत दर्ज हुई!

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग की पत्नी आरती सहवाग के नाम शिकायत दर्ज हुई की उन्होंने 4.5 करोड़ रूपए का लोन लिया था | इसकी एवज जो चैक दिए गए थे वो अकाउंट में पेमेंट ना होने की वजह से बाउंस हो गए थे जिस की वजह से शिकायतकर्ता ने उनके खिलाफ ग्रेटर नॉएडा की अदालत में केस दर्ज करवाया था| ग्रेटर नॉएडा की अदालत में सुनवाई के दौरान उन्हें कल जमानत मिल गयी है| आरती को इस बात की खबर तक नहीं थी क्योकि उनके व्यपार भागीदार ने उनके साथ धोखा किया और उनके नाम से हस्ताक्षर करके चैक से 4.5 करोड़ रुपये का ऋण ले लिया ये तो ऋण ना चुकाने की हुई भूल के कारण उनको पता चला| आरती सहवाग ने दावा किया की मुझे इन चैक हस्ताक्षर की बिलकुल भी जानकारी नहीं है ना ही मैंने ये हस्ताक्षर किये हमारे बिज़नेस पार्टनर ने ऐसा करके हमारे साथ धोखा किया|

Aarti Ahlawat

आरती सहवाग की जमानत के के बाद पिछले महीने पुलिस को दी शिकायत में कहा की उनके व्यवसायिक साझेदारों ने वीरेंदर सेहवाग के नाम का भी गलत प्रयोग किया और ऋण की राशि को वापिस करने के चूक कर दी | आरती सहवाग ने अपनी कंपनी के 8 पार्टनर के नाम मामला दर्ज करवाते हुए कहा की इन्होने बिना किसी की सहमति से लेनदारों से संपर्क करके इतनी बड़ी राशि ऋण में ली इस लिए इनके खिलाफ धोखा धड़ी का मामला दर्ज करवाया गया| पुलिस ने कार्यवाही करते हुए आरोपी के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी से), 468 (जालसाजी), 471 (वास्तविक जाली दस्तावेज़ के रूप में उपयोग करना) और भारतीय दंड संहिता के 34 (आम इरादे) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है।

वकील सूर्यप्रताप सिंह ने सारे केस की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली अशोक विहार स्थित एसएमजीके एग्रो प्रॉडक्ट के पास रूपए जमा करवाकर लखनपाल प्रमोटर्स एंड बिल्डर कंपनी ने काम तैयार करने का आर्डर दिया था किसी वजह कारण एसएमजीके कंपनी ऑर्डर को पूरा नहीं कर सकी। आर्डर के लिए पेमेंट का चैक लिया हुआ था और पेमेंट वापिस पाने के लिए लखनपाल प्रमोटर्स ने जैसे ही बैंक में चैक लगाया तो वो बाउंस हो गया इसके बाद लखनपाल प्रमोटर्स ने एसएमजीके को कानूनी नोटिस भेजा, पर उसका कोई जवाब ना देने पर उनके खिलाफ केस रजिस्टर करवाया जिस से सारी हकीकत सामने आयी |

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