हनीप्रीत की अनकही कहानी

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Honeypreet

अब हनीप्रीत इंसां अंबाला जेल से जमानत पर बाहर है और वर्तमान में अपने परिवार के साथ व्यापक सुरक्षा कवर में रह रही है। 25 अगस्त 2017 के फैसले के बाद और साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा प्रमुख को दोषी ठहराने के बाद डेरा प्रमुख को हेलीकॉपटर के जरिया रोहतक की सुनारिया जेल में भेज दिया गया था उस दिन साथ में पापा की परी कही जाने वाली हनीप्रीत भी साथ में जेल के बाहर तक गयी थी | फैसले के एक दिन बाद हनीप्रीत को पंचकुला में दंगों के लिए दोषी ठहराया गया था। इन दंगों में 41 लोगों की जान चली गई, जिसमें पुलिस ने भीड़ पर गोलियां चलाईं। इन सभी मौत का कारण हनीप्रीत के सिर कर दिया गया |

मीडिया के लिए सोने की खान बनी – हनीप्रीत

डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां की मुँहबोली बेटी हनीप्रीत इंसां को अपने गुरु पर बहुत विश्वास है उसका मानना है की वो अप्पने गुरु की सब से प्यारी बेटी है | वह उन्हें पहले गुरु मानती हैं और बाद में एक पिता और वह अपने पिता का गौरव है, जिसे डेरा प्रमुख ने खुद कई मौकों उसके प्रति ऐसा कहते हुए सुना गया है। राम रहीम सिंह जी ने उसको फिल्मों के निर्देशक करने का काम सिखाया | इससे पहले कभी मीडिया ने हनीप्रीत के बारे में कभी ध्यान नहीं किया जब फैसले के तुरंत बाद डेरा प्रमुख को पुलिस हिरासत में लिया गया तब TRP के चक्कर में तरह तरह में टाइटल बना कर हनीप्रीत को पेश किया गया | हालाँकि वह पहले भी अपनी फ़िल्मों के प्रचार के दौर में मीडिया में रही थीं। लेकिन जैसा कि सभी जानते है मीडिया ऐसे मामलों में अधिक रुचि रखता है, टीआरपी को बढ़ाने के लिए नए नए हथकंडे अपना लेता है | मीडिया ने हनीप्रीत को उन सवालों के साथ भी घेरा जब सजा होने के बाद अपने गुरु व पिता के साथ थी।

लगायी धाराएं

हनीप्रीत पर कुछ दिनों बाद पंचकूला में आगजनी और दंगो को “राष्ट्र-विरोधी” का आरोप लगा कर उसके नाम गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया | इसके साथ 5 अन्य डेरा अनुयायियों को भी इन दंगों के कथित मास्टरमाइंड घोषित कर केस दर्ज किये गए । खुद हनीप्रीत व डेरा प्रबंधन सहित अनुयायियों के लिए एक चौंकाने वाली खबर थी। हनीप्रीत को खुद को मालूम नहीं था की इतने दंगे हो गए और जान माल का नुक्सान हुआ है इसलिए उसने खुद को अदालत के सामने पेश नहीं किया। दंगे भड़काने और राष्ट्र के खिलाफ काम करने के लिए उसे अन्य धाराओं के साथ धारा 121 और 121 ए के अन्य धारा को लगाकर इन सब पर केस दर्ज किये गए ।

हुआ चरित्र हनन

28 अगस्त 2017 को डेरा प्रमुख की सजा की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद विभिन्न-विभिन्न कहानियों ने मीडिया में दौर शुरू हुआ । डेरा की चेयरपर्सन विपासना इंसां और हनीप्रीत के मतभेदों की भी कहानिया बनायीं गयी और बढ़ती टीआरपी के साथ ये खबरें तेज होने लगीं। यह बाद में पता चला कि बाबा की कहानियाँ टीआरपी को उच्च स्तर पर ले गईं। हनीप्रीत किसी तरह मीडिया के लिए सोने की खान में बदल रही थी और वे उसके चरित्र पर लगातार कटाक्ष करके एपिसोड चलते रहे मीडिया ने इसको उनके लिए सभी दिलचस्प बनाने के लिए हनीप्रीत एक दत्तक बेटी और उनके पूर्व पति की बनाई कहानी को पेश किया । जिसमे हनीप्रीत के चरित्र पर उंगलियाँ उठाना और उसके अपने पिता के साथ अवैध संबंध होना शामिल था। हनीप्रीत को मीडिया ने उसके चरित्र को ऐसा उछला जिसको खुद हनीप्रीत को भी हैरानी हो रही थी |

दो साल जेल में – जिम्मेदार कौन

हनीप्रीत ने दो साल एक महीने बिना सजा के जेल में रही क्योकि जो धारा उस पर व अन्य लोगो पर लगायी गयी थी कानून के हिसाब से उस धारा में जमानत नहीं दे सकते थे | कोर्ट की तरीक लगती गयी वकीलों में बहस होती रही आखिरकार कोई सबूत ना मिलने पर हनीप्रीत व अन्य साथियों पर देश दरोह की धारा हटा दी गयी जिस के कारण उसको जमानत भी मिल गयी व साथ के साथ अन्य साथ वालो को भी जमानत होने से वो भी बाहर आ गया है अब आश्रम की गतिविधायों में शामिल होकर कुछ कुछ आश्रम के काम सँभालने लग गयी है |

आपसी मतभेद

डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक शाह मस्ताना जी के भंडारे पर हनीप्रीत व अन्य शाही परिवार के सदस्य भले ही इकठे दिखाई दिए हो लेकिन कयास लगाए जा रहे है कि बाबा राम रहीम का परिवार हनीप्रीत से खुश नहीं है और बाबा राम रहीम को जेल में पहुँचाने में हनीप्रीत को कारन मानते है | जिसके कारण हनीप्रीत ने रोहतक के सुनारिया जेल में बाबा राम रहीम से मिलने के लिए कोर्ट में एप्लीकेशन दी है|

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