Godrej & Boyce

हुआ परिवार में टकराव

कहते है की दुनिया में तीन ‘ज” लड़ाई का कारण बनते है “जर, जोरू और जमीन” इसके पीछे बड़े बड़े धुरंदर भी ख़त्म हो जाते है| अक्सर अम्बानी परिवार में इस तरह के तनाव देखने को मिलते है वैसे ही कुछ गोदरेज परिवार में तनाव की स्तिथि बनी हुई है| घर की जरूरतों से लेकर एयरोस्पेस तक बनाने वाले इस बड़े बिजनस ग्रुप को कंट्रोल करने वाले गोदरेज परिवार में पारिवारिक अग्रीमेंट्स के बदलाव को लेकर विवाद उत्पन हो रहा है| गोदरेज ऐंड बॉएस के कंपनी का जमीन को लेकर विवाद चल रहा है| भविष्य में कारोबार को बढ़ने की रणनीति को लेकर आपसी मतभेद हो रहा है।

गोदरेज एंड बॉयस कंपनी के जमीन विभाजन और उसके विकास को लेकर जमशेद गोदरेज और चचेरे भाइयों, आदि एवं नादिर गोदरेज के अलग-अलग विचार होना चर्चा का विषय बने हुए है| इसी मतभेदों पर कुछ पारिवारिक अग्रीमेंट्स में बदलाव के करने के तरीके ढूंढे जा रहे है| जमशेद गोदरेज का परिवार बिजनेस बढ़ने के पक्ष में ना सोच कर जमीन विभाजन का पर ज्यादा जोर दे रहे है,

Adi Godrej

कितनी जमीन, काम के तरीके

गोदरेज एंड बॉयस के पास मुंबई में 3,400 एकड़ से ज्यादा जमीन है। विक्रोली एरिया में सब से ज्यादा लगभग 3 हजार एकड़ जमीन है| इसके इलावा भांडुप और नाहुर में भी जमीन है | गोदरेज प्रॉपर्टीज ग्रुप एक रियल एस्टेट फर्म डिवेलपमेंट के तहत अग्रीमेंट पर काम कर रही है ये कंपनी गोदरेज ऐंड बॉएस के अग्ग्रिमेंट के तहत गोदरेज प्रॉपर्टीज प्रॉजेक्ट की 10-15 प्रतिशत आमदनी लैंड ओनर को देती है। इसके साथ आदि गोदरेज और नादिर गोदरेज ‘गोदरेज कन्ज्यूमर प्रॉडक्ट्स लिमिटेड’, ‘गोदरेज प्रॉपर्टीज’ और ‘गोदरेज ऐग्रोवेट’ को कंट्रोल करते हैं। ये तीनों कंपनी भी इसी ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों में दर्ज है जिसमे होल्डिंग कंपनी गोदरेज ऐंड बॉएस पर परिवार के सभी सदस्यों का मालिकाना हक है और जमशेद गोदरेज इसके चेयरमैन हैं।

पुरे मामले को जानने वाले दो अधिकारीयों का कहना है कि ये कोई राजनीति विवाद नहीं है बल्कि गोदरेज एंड बॉयस कंपनी के पास परिवार की ज्यादा जमीन होल्डिंग्स होने और गोदरेज ग्रुप्स कंपनी की प्रॉपर्टीज को उपयोग करने को लेकर ही विवाद है। सार्वजनिक रूप से गोदरेज प्रॉपर्टीज ने पहले से कहा था कि वह मुंबई में एक बड़ी डिवेलपर बनना चाहती है।

प्रबंध निर्देशक पद छोड़ा

विवाद के चलते जमशेद गोदरेज के बेटे नवरोज गोदरेज ने गोदरेज एंड बॉयस में प्रबंध निर्देशक का पद छोड़ दिया है। इनके पद से त्याग देने से इनकी चचेरी बहन नायरिका का आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।

दोनों परिवार बाहरी सलाहकारों से कर रहे विचारविमर्श

बताया जा रहा है की इन दोनों परिवारों में अग्रीमेंट्स में हुए बदलाव को लेकर बाहरी सलाहकारों की सलहा की जा रही है| एक टीवी चैनल के माध्यम से जानकारी मिली थी कि परिवार ने सिरिल अमरचंद मंगलदास के संस्थापक सिरिल श्रॉफ के साथ साथ जिया मोदी और जेएम फाइनैंशल सर्विसेज के प्रमुख कार्यकर्त्ता निमेश कंपानी, व कोटक महिंद्रा बैंक के एमडी और सीईओ उदय कोटक से मदद मांगी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *